अब सोसायटी की छत से बनेगी बिजली, ग्रेटर नोएडा की बड़ी इमारतों में सोलर प्लांट होगा जरूरी
पीएम सूर्यघर योजना के तहत मिलेगा सरकारी सहयोग, हाइराइज सोसायटियों, मॉल और दफ्तरों की छतों पर लगेंगे सोलर पैनल

- ग्रेटर नोएडा में 5,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी भवनों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
- नया नियम हाइराइज सोसायटी, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल, दफ्तर और बड़े संस्थानों पर लागू किया जाएगा।
- पीएम सूर्यघर योजना के तहत आरडब्ल्यूए और एओए को भी सरकारी सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा।
- सोलर प्लांट से लिफ्ट, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट जैसी कॉमन सुविधाओं का बिजली खर्च उल्लेखनीय रूप से घटेगा।
ग्रेटर नोएडा की हाइराइज सोसायटियों में रहने वाले लोगों के लिए बिजली से जुड़ी बड़ी खबर है। अब बड़ी रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों में सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य किया जा रहा है। शासन के नए निर्देशों के मुताबिक 5,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी भवनों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना होगा।
इस फैसले का उद्देश्य बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इससे सोसायटियों के कॉमन एरिया में होने वाले बिजली खर्च को भी कम किया जा सकेगा।
किन भवनों पर लागू होगा नया नियम?
नया नियम केवल हाउसिंग सोसायटियों तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में हाइराइज रेजिडेंशियल टावर, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, दफ्तर, मॉल और बड़े संस्थान भी आएंगे। ऐसे सभी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों का मानना है कि इससे ग्रिड पर दबाव कम होगा और स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
सोसायटियों को मिलेगी सब्सिडी
अब तक पीएम सूर्यघर योजना का लाभ मुख्य रूप से व्यक्तिगत मकानों के लिए उपलब्ध था, लेकिन अब सेक्टरों और हाउसिंग सोसायटियों की आरडब्ल्यूए और एओए को भी इस योजना के तहत जोड़ा जा रहा है।
यूपी नेडा के अधिकारियों के मुताबिक, सामुदायिक स्तर पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांट्स के लिए भी सरकारी सहायता और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे सोसायटियों पर वित्तीय बोझ कम होगा और अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकेंगे।
बिजली बिल में आ सकती है बड़ी राहत
हाइराइज सोसायटियों में लिफ्ट, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, क्लब हाउस और अन्य कॉमन सुविधाओं पर हर महीने बड़ी मात्रा में बिजली खर्च होती है। सोलर प्लांट लगने के बाद इस खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार सिस्टम स्थापित होने के बाद सोसायटियां लंबे समय तक बिजली की लागत बचा सकती हैं, जिसका फायदा सीधे निवासियों को मिलेगा।
ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ता कदम
सरकार देशभर में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ग्रेटर नोएडा में बड़ी इमारतों पर सोलर प्लांट अनिवार्य करने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अगर यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा की कई सोसायटियां अपनी जरूरत की बिजली का बड़ा हिस्सा खुद पैदा कर सकेंगी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर सकेंगी।
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