Greater Noida Pollution Update: प्रदूषण पर लगेगी लगाम, CNG रोड स्वीपर और एंटी-स्मॉग गन से होगी शहर की सफाई
ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण और सड़क की धूल को कम करने के लिए प्राधिकरण बड़ा कदम उठाने जा रहा है। करीब 4.10 करोड़ रुपये की लागत से सीएनजी रोड स्वीपर मशीनें और एंटी-स्मॉग गन खरीदी जाएंगी। नई व्यवस्था से शहर की प्रमुख सड़कों की नियमित मैकेनिकल सफाई होगी और धूल पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 4.10 करोड़ रुपये की लागत से CNG रोड स्वीपर और एंटी-स्मॉग गन खरीदेगा।
- सीएनजी आधारित मैकेनिकल स्वीपर मशीनें कम समय में बड़े क्षेत्र की सफाई करेंगी और प्रदूषण भी कम करेंगी।
- एंटी-स्मॉग गन पानी की फुहार से हवा में मौजूद धूलकणों को नीचे बैठाकर वायु गुणवत्ता बेहतर बनाएगी।
- सर्दियों में NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया पहले से शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा। बढ़ते वायु प्रदूषण और सड़क की धूल से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर की सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी में है। इसके तहत करीब 4.10 करोड़ रुपये की लागत से सीएनजी से चलने वाली मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनें और एंटी-स्मॉग गन खरीदी जाएंगी। इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राधिकरण का उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़कों, औद्योगिक क्षेत्रों और अधिक यातायात वाले मार्गों पर नियमित मैकेनिकल सफाई सुनिश्चित करना है, ताकि सड़क पर जमा धूल और कचरे को प्रभावी तरीके से हटाया जा सके। इससे हवा में उड़ने वाले धूलकणों में कमी आने की उम्मीद है।
CNG रोड स्वीपर से होगी आधुनिक सफाई
नई सीएनजी रोड स्वीपर मशीनें सड़कों की सफाई पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी ढंग से करेंगी। पारंपरिक सफाई व्यवस्था की तुलना में ये मशीनें कम समय में बड़े क्षेत्र की सफाई कर सकेंगी। चूंकि ये सीएनजी आधारित होंगी, इसलिए इनसे प्रदूषण भी अपेक्षाकृत कम होगा।
एंटी-स्मॉग गन करेगी धूल पर नियंत्रण
प्राधिकरण शहर में एंटी-स्मॉग गन भी तैनात करेगा। ये मशीनें पानी की महीन फुहार छोड़कर हवा में मौजूद धूल के कणों को नीचे बैठाने का काम करती हैं। निर्माण स्थलों, व्यस्त चौराहों और धूल प्रभावित क्षेत्रों में इनका विशेष रूप से उपयोग किया जाएगा, ताकि वायु गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सके।
सर्दियों से पहले तैयारी
एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर अक्सर बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्राधिकरण पहले से ही प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों में जुट गया है। सड़क की धूल को कम करना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि यह प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल है।
स्वच्छता और पर्यावरण दोनों पर फोकस
प्राधिकरण का मानना है कि नई मशीनों के इस्तेमाल से शहर की सफाई व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। नियमित मैकेनिकल सफाई और एंटी-स्मॉग गन के उपयोग से न केवल सड़कों की स्वच्छता बेहतर होगी, बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो आने वाले महीनों में ग्रेटर नोएडा के लोगों को साफ-सुथरी सड़कें और बेहतर वायु गुणवत्ता का लाभ मिल सकता है। यह पहल शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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